Kabir Ke Dohe (कबीर के दोहे) - Swami Kulshresth Anand
कबीर ने हिन्दी साहित्य को निश्चित परिप्रेक्ष्य और कलात्मक आधर दिया। उनकी रचनाएं यथार्थवादी घटनाओं को ध्यान में रखकर रची गई हैं। इसलिए पाठक उनकी रचनाओं के साथ जुड़ जाता है। यही वजह है कि कबीर की रचनाओं में आदर्श और यथार्थ का गंगा-जमुनी संगम है। इस पुस्तक में उनके उन दोहो का संकलन किया गया है, जिन्होंने उन्हें एक महान् और सिद्ध संत के पद पर लाकर प्रतिष्ठित किया है। अपने स्नेह, त्याग, निस्पृहता और अपनी आध्यात्मिक शक्ति का सहारा ल